Panchang

शुभ घड़ियां

अभिजित् मुहूर्त 11:52 - 12:35
अमृत काल 27:42+ - 29:27+
आनंदादि योग Sthira
समाप्ति काल 12:49
तमिल योग अमृत
समाप्ति काल 12:49
होमाहुति बुध के मुख में
समाप्ति काल 12:49
भद्रावास -
अग्निवास पाताल में
समाप्ति काल 07:57

दिन का चौघडिया

06:51 - 08:12
काल वेला
Kaal Vela
08:12 - 09:33
शुभ वेला
09:33 - 10:53
रोग वेला
10:53 - 12:14
उद्वेग वेला
12:14 - 13:35
चर वेला
13:35 - 14:55
लाभ वेला
Vaar Vela
14:55 - 16:16
अमृत वेला
16:16 - 17:37
काल वेला
Kaal Vela

रात का चौघडिया

17:37 - 19:16
लाभ वेला
काल रात्री
19:16 - 20:55
उद्वेग वेला
20:55 - 22:35
शुभ वेला
22:35 -24:14+
अमृत वेला
24:14+ -25:54+
चर वेला
25:54+ -27:33+
रोग वेला
27:33+ -29:13+
काल वेला
29:13+ -30:52+
लाभ वेला
काल रात्री

06:51 - 07:57 शुभ मुहूर्त
07:57 - 08:25 रोग पंचक
08:25 - 10:31 शुभ मुहूर्त
10:31 - 12:17 मृत्यु पंचक
12:17 - 12:49 अग्नि पंचक
12:49 - 13:50 शुभ मुहूर्त
13:50 - 15:21 रजः पंचक
15:21 - 17:01 अग्नि पंचक
17:01 - 18:59 शुभ मुहूर्त
18:59 - 21:12 रजः पंचक
21:12 - 23:28 शुभ मुहूर्त
23:28 - 25:40+ चौर पंचक
25:40+ - 27:51+ शुभ मुहूर्त
27:51+ - 30:06+ रोग पंचक
30:06+ - 30:51+ शुभ मुहूर्त

शुभ चंद्रबल

Good Chandrabalam till26:01+ for:
मेष, कर्क, सिंह,
वृश्चिक, मकर, मीन

*Ashtama Chandra For मिथुन Rashi Borns
Good Chandrabalam till Next Day Sunrise for:
मेष, वृष, सिंह,
कन्या, धनु, कुम्भ

*Ashtama Chandra For कर्क Rashi Borns

ताराबल

Good Tarabalam till 12:49 for:
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा,
आर्द्रा, पुष्य, मघा,
उ०फा०, चित्रा, स्वाति,
अनुराधा, मूल, उ०षा०,
धनिष्ठा, शतभिषा, उ०भा०

Good Tarabalam till Next Day Sunrise for:
भरणी, रोहिणी, आर्द्रा,
पुनर्वसु, आश्लेषा, पू०फा०,
हस्त, स्वाति, विशाखा,
ज्येष्ठा, पू०षा०, श्रवण,
शतभिषा, पू०भा०, रेवती

शूल और निवास

दिशा शूल पूर्व में
राहुकाल वास पूर्व में
नक्षत्र शूल नहीं है
चन्द्र वास दक्षिण में
26:01+

Astro Sandesh

10 नवम्बर 2017 आज मार्गशीर्ष महीने के कृष्णपक्ष की सप्तमी तिथि, पुष्य नक्षत्र, शुक्ल योग, बव करण और दिन शुक्रवार है I आज कालभैरवाष्टमी एवं भैरव जयंती है I आज भगवान् महादेव के कष्ट निवारक शत्रुहन्ता, रौद्ररूप काल भैरव जी का जन्मदिवस है. आज संध्या काल में शिवलिंग के आगे या पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से भगवान् काल भैरव प्रसन्न होकर प्रबल शत्रु और महा बाधाओं को शांत कर देते हैं. “ॐ कालभैरवाय नमः” इस मन्त्र का 11 बार उच्चारण करके काजल की डिब्बी को अभिमंत्रित कर लें और फिर इसे बच्चों के माथे पर, पुरुषों के बालों में चोटी के स्थान पर और स्त्रियों के आँखों में लगाने से नजर- टोक आदि तो हटती ही है सफलता और विजय भी प्राप्त होती है. अभिमंत्रित करने की विधि: एक शुद्ध एवं नयी काजल की डिब्बी लें उसको खोलें और काजल की खुली हुई डिब्बी सीधे हाथ में रख लें और डिब्बी को देखते हुए मन्त्र का उच्चारण करें. ...

astromyntra

आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि