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13 Mukhi Rudraksh

Rs. 7000

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13 Mukhi Rudraksh

Symbol of : Lord Kamdeva

Ruling Planet : Venus

Ruling God : Lord Indra

Day of wearing : Sunday/Monday

Benefits of wearing 13 Mukhi Rudraksh

1.      This Rudraksha has immense power and is rare and difficult to get.

2.      It helps attain Moksha.

3.      It is often used to increase attractiveness.

4.      It also helps in attaining a sound mind and body.

5.      Its wearer enjoys the various luxuries of life.

6.      It fulfils all the desires of the wearer who remains away from sinful deeds and thoughts.

7.      The possessor is blessed with complete manhood and his physical weakness is cured.

8.      The wearer of this rudraksh is able to enjoy all the earthly pleasures and comforts.

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Astro Sandesh

20 अगस्त 2017 आज भाद्रपद महीने के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि, पुष्य नक्षत्र, व्यतिपात योग, विष्टि करण और दिन रविवार है I आज मासशिवरात्रि व्रत, अघोरा-डाकिनी चतुर्दशी और रविपुष्य योग है I आज के दिन इस मन्त्र “ॐ शिवनारायणाय नमः” का 7 बार उच्चारण करें I ऐसा करने से भगवान् शिव और विष्णु जी की कृपा से आपके जीवन में धनाभाव नहीं होगा I आज भगवान् कृष्ण की षष्ठी भी है जितने भी गोप गोपियाँ थी उन्होंने प्रभु को बुरी नज़र न लगे उनका भाग्य अच्छा हो इसलिए षष्ठी का शगुन किया था I जो लोग कान्हाजी में अटूट श्रद्धा और प्रेम रखते हैं वे लोग भगवान् जी के जन्म से लेकर षष्ठी तक उत्सव मानते हैं I आज षष्ठी उत्सव पर आप रात्री को सोने से पहले इस मन्त्र “ॐ बाल मुकुन्दाय नमः” का 108 बार जाप करें I ऐसा करने से आपके बच्चों को सौभाग्य की प्राप्ति होगी और उनके जीवन के कष्ट- दुःख भगवान् बाल गोपाल जी की कृपा से दूर होंगे I आज के दिन सुबह भगवान् शिव को सफेद पुष्प अर्पित करें I ऐसा करने से आपके घर में लक्ष्मी जी का वास होगा I चूँकि आज अघोरी डाकिनी चतुर्दशी भी है तो आज शाम को घर का कोई भी सदस्य एक मुट्ठी पीली सरसों पूरे घर में वारकर घर के बाहर एक कागज़ में रख कर जला दें ऐसा करने से आपके घर में व्याप्त नेगेटिविटी, बुरी आत्मा, आसुरी शक्तियां, भूत- प्रेत आदि बाधा दूर होंगी और घर के वातावरण में शुभता आएगी I ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि

18 अगस्त 2017 आज भाद्रपद महीने के कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र, वज्र योग, बालव करण और दिन शुक्रवार है I आज अजा एकादशी व्रत और वत्स द्वादशी (पूजा) है I आज तुलसी पत्र और फल से भगवान् कृष्ण जी के चरणों की सेवा करें I ऐसा करने से इस जन्म में जो हमसे अशुभ कर्म हुए हैं और जिसके फलस्वरूप हमें कष्ट-दुर्भाग्य-परेशानियां मिलते हैं उनसे मुक्ति मिल जाएगी I भगवान् कृष्ण जी और बलराम जी के जन्मोत्सव के पावन दिवस चल रहे हैं I आज के दिन बछड़े- बछडियों के द्वारा भगवान् जी का शगुन कराया गया था अर्थात भगवान् जी को नजर दोष से बचाने के लिए उनकी (बछड़े- बछडियों) पूंछ का झाडा लगाया गया था I आज वत्स द्वादशी और शुक्रवार का शुभ मेल है तो आज आप बच्चों के हाथ से या पैसों को हाथ लगवाकर हरा चारा बछड़े-बछडियों को डालें I ऐसा करने से आपके बच्चों को नजर- टोक, आसुरी शक्तियां, चोट आदि सब बुराइयों तकलीफों से बचाव होगा और बड़ों के धन में बरकत होगी I नोट:- यदि आज पूरे दिन का उपवास या विशेष पूजा न कर सकें किन्तु एकादशी के दिन चावल न खाएं इस बात का जरुर ध्यान रखें I वैसे तो चावल महा अन्न है किन्तु सभी बुराईयां, पाप, नेगेटिविटी एकादशी वाले दिन चावल में वास करती हैं इसीलिए चावल या चावल से बनी कोई भी चीज़ बिलकुल न खाएं I ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि

आज भाद्रपद महीने के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र, वृद्धि एवं ध्रुव योग, बालव करण और दिन मंगलवार है । आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव (वैष्णव), भारत स्वतन्त्रता दिवस और सर्वार्थ सिद्ध योग है ।  आज के दिन श्रद्धा एवं भाव से कान्हाजी सहित अपने घर के मंदिर के देवताओं की फल, फूल, रोली, मौली, धूप, दीप आदि से पूजा करें ।  आज कान्हाजी का जन्मदिवस है । आज अपने घर के मंदिर की साफ-सफाई और पवित्र कर सजायें और कान्हाजी का स्वागत करें । आज व्रत रखकर शाम के समय कान्हाजी को पंचामृत से स्नान कराएं, शुद्ध एवं स्वच्छ वस्त्र पहनाएं और झूला झुलाकर भोग लगाकर पूजन करें और फिर पंचामृत और भोग आदि को परिवार के सभी सदस्यों में वितरित करें और स्वयं भी ग्रहण करें ।   ...

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जानिए आज का व्रत-पर्व एवं पूजा विधि

7 अगस्त 2017 आज श्रावण महीने के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि, श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग, विष्टि करण और दिन सोमवार है I आज श्रवण पूर्णिमा और रक्षाबंधन है I आज श्रावण पूर्णिमा  और रक्षा बन्धन है रक्षाबंधन का श्रेष्ठतम मुहूर्त शुभ मुर्हत 11:05 AM से 01:30 PM तक। आज के दिन पंचामृत (सब अलग- अलग) दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से भगवान् शिव का अभिषेक करें उसके बाद शुद्ध जल से स्नान करायें फिर 5 अलग- अलग फल अर्पित करके 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मन्त्र का जाप करें इससे श्रावण मॉस में किये गए रोज के अभिषेक, पूजा आदि का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा और भगवान् भोलेनाथ की कृपा आप पर श्रावण मास के वर्षाजल की भांति बरसेगी I आज रक्षाबंधन है, भगवान् भोलेनाथ को राखी समर्पित करें I मधुसूदन परिवार की ओर से हम ये दुआ करते हैं की आपको बताई गयी रोज की पूजा विधि से भगवान् भोलेनाथ की कृपा आने वाले अगले श्रावण मास तक आप पर बनी रहे और आपको जीवन में सुख- समृद्धि, बरकत, उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति हो I ...

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आप के आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा विधि