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14 Mukhi Rudraksh

Rs. 18000

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14 Mukhi Rudraksh

Symbol of : Lord Shiva

Ruling Planet : Saturn

Day of wearing : Monday

Benefits of wearing 14 Mukhi Rudraksh

1.      This Rudraksha symbolises Lord Shiva and also Lord Hanuman. It is helpful in curing many diseases.

2.      It enhances all the pleasures of the wearer’s  life.

3.      This Rudraksha is helpful in opening the third eye Chakra, which governs clairvoyance, sharpened skills, heightened state of awareness etc.

4.      If worn on the arms, or on the top of head, Gods visit & blesses the wearer.

5.      The wearer can overcome the obstacles and hurdels and come out with glorious victory even in the most difficult situations.

6.      It can help you achieve positions of power and authority.

7.      It helps the wearer develop a strong sixth sense.

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Astro Sandesh

19 अक्तूबर 2017 आज कार्तिक कृष्णपक्ष, अमावस तिथि, हस्त नक्षत्र, वैधृति, योग, चतुष्पद करण और दिन वीरवार है I आज श्री दीपावली पूजन एवं श्री महालक्ष्मी पूजन एवं कुबेर पूजन है I आज कार्तिक अमावस के प्रदोष काल अर्थात् संध्याकाल में घर के बाहर-भीतर, चौराहे पर, तुलसीवृक्ष, गौशाला, मंदिर आदि समस्त पवित्र स्थलों में दीपक जलाकर कण-कण में व्याप्त ऐश्वर्य और अवसर रूपी महालक्ष्मी को घर में बुलाने की प्रार्थना करें. रात्री को पूजन काल में पंचामृत, रोली-मौली-धूप-दीप-मिष्ठान-मीठा पान-नानाविध पुष्पों आदि से महालक्ष्मी जी की पूजा आरती करें. दीपावली पूजन का शुभ समय -- ·         दूकान, फैक्ट्री या व्यवसायिक संस्थान के लिए :- 05:25 PM से 07:57 PM तक                      ·         घर के लिए :- स्थिर लग्न में महालक्ष्मी का पूजन सर्वोत्तम माना गया है. यह लग्न समय रहेगा- 07:13 PM से 09:08 PM तक इस समय वृष लग्न, विशाखा नक्षत्र तथा तुला राशि में सूर्य और चन्द्र दोनों विराजमान रहेंगे. तत्पश्चात प्रदोषकाल अर्थात सांयकाल 05:45 PM से 08:18 PM तक इस योग में दीपदान, श्री महालक्ष्मी पूजन, कुबेर पूजन, बहीखाता पूजन, अन्न- धन का पूजन, घर- बाहर- मंदिर आदि का दीप प्रज्वलित, दान करना, मिठाई आदि बांटना शुभ रहेगा. इसके बाद पूजन के लिए अमृत काल 04:21 PM से 8:57 PM तक है, यह भी शुभ है. महानिशीध काल हर प्रकार की मन्त्रसिद्धि, विशेष पूजन, उपासनाएं, काली आदि तंत्र साधनाएं, प्रयोग एवं लक्ष्मी साधनाओं के लिए यह कालघडी सर्वोत्तम मानी जाती है, हर तंत्रमन्त्र इस समय में जागृत अवस्था में रहेंगे I अतः यह समय सर्वोत्तम समय है I यह समय है 11:43 PM से 12:34 AM तक ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि

18 अक्तूबर 2017 आज कार्तिक कृष्णपक्ष, चतुर्दशी तिथि, उतरा फाल्गुनी नक्षत्र, ऐन्द्र योग, विकल करण और दिन बुधवार है | आज नरक चतुर्दशी (नरक चौदस अथवा रूप चौदस) एवं श्री हनुमान जयंती है | आज नरक चौदस है अतः आज के दिन बिजली, अग्नि, भूकंप, जलपीडा आदि से अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए मृतकों की शान्ति के लिए चार मुख वाले दीपक को प्रज्वलित करके यथाशक्ति दान करें. सांयकाल को दक्षिण की तरफ मुख करके पीपल को तिल-कुश मिला जल चढायें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं. आज हनुमान जयंती के पावन दिन पर लहू केलेफल और दीपक अर्पण करके हनुमान जी को प्रसन्न करें. नोट:- आध्यात्मिक लाभ को देने वाला एवं श्री हरि जी को प्रसन्न करने वाला परम पवित्र कार्तिक मास चल रहा है और आपके चहेते MGuru में रोजाना कार्तिक मास माहात्म्य की कथा चल रही है, रोजाना इसे पढना न भूलें अर्थात् इस कथा को जरुर पढ़ें और परिवार को भी सुनायें I ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि

17 अक्तूबर 2017 आज कार्तिक कृष्णपक्ष, त्र्योदशी तिथि, उतरा फाल्गुनी नक्षत्र, ब्रह्मा योग, गर करण और दिन मंगलवार है I आज धन त्र्योदशी, भौम प्रदोष, कार्तिक संक्रांति, धन्वंतरी जयंती और यम दीप दान है I आज धनतेरस के दिन अपने भवन के मुख्य द्वार पर सांयकाल में यमराज को दीप और नैवेद्य समर्पित करते हुए यह प्रार्थना करें कि हमारे घर में किसी प्रकार का कोई रोग और कष्ट न हो और निम्न मन्त्र का 3 बार उच्चारण करें ऐसा करने से अकाल मृत्यु का कभी भय नहीं होता है- मृत्युना पाशदंडाभ्याम् कालेन च मया सह I  त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतामिति II त्रयोदशी को दीपदान करने से मृत्यु, पाश, दंड, काल और लक्ष्मी के साथ- साथ सूर्यनंदन यम प्रसन्न होते हैं I इस दिन सोना-चांदी या अन्य धातु की वस्तुएं, बर्तन आदि खरीदना शुभ होता है I इस दिन स्वास्थ्य के देवता धन्वन्तरी का आवाहन अवश्य करना चाहिए I इस दिन तुलसी, आंवला, हरड, बहेड़ा आदि की पूजा करने से निरोगी काया प्राप्त होती है I आज सांयकाल में सरसों के तेल का दीपक जलाकर पूरे घर से घुमाकर घर के बाहर अथवा छत पर दक्षिण की तरफ मुख करके रखें और “यमराजाय नमः” का 5 बार उच्चारण करें I इससे घर में अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा I नोट:- आध्यात्मिक लाभ को देने वाला एवं श्री हरि जी को प्रसन्न करने वाला परम पवित्र कार्तिक मास चल रहा है और आपके चहेते MGuru में रोजाना कार्तिक मास माहात्म्य की कथा चल रही है, रोजाना इसे पढना न भूलें अर्थात् इस कथा को जरुर पढ़ें और परिवार को भी सुनायें I  ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि

16 अक्तूबर 2017 आज कार्तिक कृष्णपक्ष, द्वादशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, शुक्ल योग, कौलव करण और दिन सोमवार है I आज श्री गोवत्स द्वादशी है I आज के दिन प्रातःकाल में भगवान् कृष्ण जी के चरणों में 5 तुलसी के पत्ते अर्पित करें और सांयकाल में गौ के छोटे बछड़े- बछ्डियों को चारा इत्यादि डालकर उनका स्पर्श करें I इससे भगवान् कृष्ण की कृपा प्राप्त होगी और प्रारब्ध का प्रबल वेग मिटेगा I नोट:- आध्यात्मिक लाभ को देने वाला एवं श्री हरि जी को प्रसन्न करने वाला परम पवित्र कार्तिक मास चल रहा है और आपके चहेते MGuru में रोजाना कार्तिक मास माहात्म्य की कथा चल रही है, रोजाना इसे पढना न भूलें अर्थात् इस कथा को जरुर पढ़ें और परिवार को भी सुनायें I  ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि

28 सितम्बर 2017 आज आश्विन महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि, मूल नक्षत्र, सौभाग्य योग, विष्टि करण और दिन गुरुवार है I आज श्रीदुर्गाष्टमी और महाष्टमी है I करुणामयी माँ के नौ रूपों में सबसे सुन्दर, सर्वाधिक दयामयी, तप करने में इतनी कठोर की भगवान् शिव का भी जिन्होंने दिल जीत लिया, मन जिनका मक्खन से भी जल्दी पिघलने वाला है, उन सौम्यरूपा महागौरी नामकी माता को समर्पित आज आठवां नवरात्रा है, पिछले दिनों में यदि पूजा- आराधना ना हो पाई हो, कोई व्रत में त्रुटि रह गयी हो या अशक्त होने के कारण विधि- व्रत- नियम का परिपालन ना कर पाये हों तो आज महागौरी माँ के आशीर्वाद से पूरी नौरात्री का फल पा सकते हैं वो भी इस सरल किन्तु फल में श्रेष्ठ उपाय से------ नौ फूल (लाल हों तो अति श्रेष्ठ), रोली में रंगे लाल चावल, श्रृंगार की सामग्री (चूड़ी- बिंदी- चुनरी आदि), 9 सिक्के 1-1 रु० के, 1 लालफल ये सब थाली या प्लेट में रखकर इस मन्त्र का 1 बार सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । शरण्ये त्र्यंम्बके गौरि नारायणि नमोस्तु ते ॥ और ॐ महागौर्यै नमः का 9 बार उच्चारण करते हुए जगन्माता दुर्गा जी के कमल से कोमल और सुन्दर चरणों में अर्पित कर दीजिये I II जय माता दी II ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि