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Saraswati Yantra

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Saraswati Yantra

Mata Saraswati is the Goddess of knowledge and learning. Saraswati Yantra blessed by Maa Saraswati herself gives knowledge and wisdom to the worshipper.  It is highly advisable for students and assures success in academics. It is said that by worshipping the Saraswati Yantra, your concentration and memory power will increase. Only good thoughts will come to mind. Also, for spiritual wisdom blessings of Goddess Saraswati is very essential.

Benefits

1.       Saraswati Yantra is effective for enhancement of knowledge, education & creativity for students, businessmen, entrepreneurs, artists and people involved in creative work.

2.       This yantra gives you wisdom and knowledge.

3.       It reduces the malefic effects of Jupiter.

4.       It brings success in your business and makes you rich.

5.       It spreads your name and gives you fame.

6.       It removes negative energy from your environment.

7.       It will increase your concentration and memory power.

How to use

Place the Saraswati Yantra on a sacred altar (your pooja mandir). Periodically wash the Saraswati Yantra with rose water or milk. Then, wash it with water and wipe it to dry. Place rounded dots of sandalwood paste on the 4 corners and in the center of the Yantra. Light a candle or ghee lamp and an incense stick in front of the Yantra. You can offer fresh or dry fruits as Prasad, as well. Chant the Mantra above in front of the Yantra, preferably after showering.

Mantra: “ॐ हीं सरस्वत्यै नमः

                            OR

               या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि रुपेण संस्थिता ।
               नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।

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30 नवम्बर 2017 आज मार्गशीर्ष महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि, रेवती नक्षत्र, व्यतिपात योग, विष्टि करण और दिन गुरुवार है I आज मोक्षदा एकादशी व्रत, श्रीगीता जयंती एवं अखण्ड द्वादशी है I आज मोक्षदा एकादशी का बड़ा ही पावन और श्रेष्ठ दिन आज गीता जयंती है आज के दिन श्री कृष्ण भगवान् ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था. तो आइये आज के इस श्रेष्ठ दिन में पीले पुष्प और तुलसी पत्र भगवान् कान्हाजी के चरणों में अर्पित करें और घर में श्री मद्भाग्वद गीता जी की पुस्तक पर भी फूल चढ़ाएं और धूप- दीप दिखाएँ. संभव हो तो आज के दिन अधिक से अधिक गीता जी का पाठ करें और यदि पाठ कर पाना संभव न हो तो इस मन्त्र का आवश्य पाठ करें इसमें अर्जुन से अपने सारे बुद्धि विवेक को छोटा मानकर प्रभु के चरणों में अपने को पूर्ण समर्पित करके उनके शिष्य बन गए उसके बाद ही भगवान् श्री कृष्ण ने उन्हें गीता जी का अमूल्य ज्ञान दिया. कार्पण्यदोषोपहतस्वभावः पृच्छामि त्वां धर्मसम्मूढचेताः । यच्छ्रेयः स्यान्निश्चितं ब्रूहि तन्मे शिष्यस्तेऽहं शाधि मां त्वां प्रपन्नम्‌ ॥ आज इस श्रेष्ठ मन्त्र के पाठ से भगवान् श्री कृष्ण आपके द्वारा किये गए हर शुभ कर्म में आपके साथ होंगे और आपका जीवन सुखों और कल्याण की ओर अग्रसर होगा. साथ ही आज अखण्ड द्वादशी भी है अतः आज के दिन 1 फूल और किसी भी साबुत अन्न के 12 दानें भगवान् श्री कृष्ण या श्री विष्णु जी के चरणों में चढ़ायें और पायें अखण्ड सुख, अखण्ड शांति और अखण्ड संपदा. ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि