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Hanuman Yantra

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Hanuman Yantra

Lord Hanuman, the Guardian Deity will guard you against all dangers and strengthen you with courage and knowledge. His unflinching energy will power up your life line and stimulate your inner spirits. The energy release from the Yantra will strengthen your immune system to fight against health disorders and bless you with a long life. This yantra increases masculine powers and removes sexual disorders, impotency and blood disorders. Hanuman will protect you from the malefic effects of Saturn. Hanuman Yantra will relieve you from incurable illnesses, laziness and bless you with longevity, courage, productivity and effective communication skills.

Hanuman Yantra stimulates the lives of:

1.       People who fear their enemies.

2.       People who struggle to achieve success in their endeavors.

3.       People who suffer from severe health ailments.

4.       People who yearn for a hitch free life.

5.       People who desire to acquire the qualities of courage and confidence.

6.       People who need to reverse negative energies from Saturn.

7.       People who seek to turn around impossible situations.

How to Use

On Saturday place the Yantra facing the East or the North in a clean and sacred altar. Do not let other people touch the Yantra. Periodically wash the Yantra with rose water or milk. Then, rinse it with water and wipe it to dry. Place rounded dots of sandalwood paste on the 4 corners and in the center of the Yantra. Light a candle or ghee lamp and an incense stick in front of the Yantra. You can offer red flowers, fresh or dry fruits as Prasad, as well. Chant the Mantra in front of the Yantra, preferably after showering.

Mantra:  ॐ हं हनुमते नमः I 

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Astro Sandesh

30 नवम्बर 2017 आज मार्गशीर्ष महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि, रेवती नक्षत्र, व्यतिपात योग, विष्टि करण और दिन गुरुवार है I आज मोक्षदा एकादशी व्रत, श्रीगीता जयंती एवं अखण्ड द्वादशी है I आज मोक्षदा एकादशी का बड़ा ही पावन और श्रेष्ठ दिन आज गीता जयंती है आज के दिन श्री कृष्ण भगवान् ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था. तो आइये आज के इस श्रेष्ठ दिन में पीले पुष्प और तुलसी पत्र भगवान् कान्हाजी के चरणों में अर्पित करें और घर में श्री मद्भाग्वद गीता जी की पुस्तक पर भी फूल चढ़ाएं और धूप- दीप दिखाएँ. संभव हो तो आज के दिन अधिक से अधिक गीता जी का पाठ करें और यदि पाठ कर पाना संभव न हो तो इस मन्त्र का आवश्य पाठ करें इसमें अर्जुन से अपने सारे बुद्धि विवेक को छोटा मानकर प्रभु के चरणों में अपने को पूर्ण समर्पित करके उनके शिष्य बन गए उसके बाद ही भगवान् श्री कृष्ण ने उन्हें गीता जी का अमूल्य ज्ञान दिया. कार्पण्यदोषोपहतस्वभावः पृच्छामि त्वां धर्मसम्मूढचेताः । यच्छ्रेयः स्यान्निश्चितं ब्रूहि तन्मे शिष्यस्तेऽहं शाधि मां त्वां प्रपन्नम्‌ ॥ आज इस श्रेष्ठ मन्त्र के पाठ से भगवान् श्री कृष्ण आपके द्वारा किये गए हर शुभ कर्म में आपके साथ होंगे और आपका जीवन सुखों और कल्याण की ओर अग्रसर होगा. साथ ही आज अखण्ड द्वादशी भी है अतः आज के दिन 1 फूल और किसी भी साबुत अन्न के 12 दानें भगवान् श्री कृष्ण या श्री विष्णु जी के चरणों में चढ़ायें और पायें अखण्ड सुख, अखण्ड शांति और अखण्ड संपदा. ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि