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Kuber Yantra

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Kuber Yantra

Kubera Yantra is a positive energy device which is engraved with luck lines for you. This energized piece drives in an array of divine power that accumulates money, material gains and also restores back your lost wealth. Lord Kubera, the God of riches and material wealth, showers his blessings on you through this Yantra. The legends quote that Kubera is the Banker in Heaven, and he is the God of Yakshas (an exotic tribe of semi-divine beings who guard the wealth of the earth). When you worship him properly, he blesses you with money, material comforts and success. Offering your dedicated prayers to his Yantra revitalizes your mind and soul with positive waves of energy. The configuration is in such a way that each row of numbers in it will sum up to 72. This is considered a mystical configuration that attracts financial success. He showers his blessings on you and also elevates the standard of your living. Let the Yantra straighten out all the hardships on the material side of your life.

Kuber Yantra glorifies the lives of

1.       Business holders who yearn to flourish in their trade

2.       People who struggle to regain their lost wealth

3.       People who desire to acquire material comforts

4.       People who strive to improve their life style

5.       Persons wishing to increase their income stream.

6.       People who need more positive cash flow.

How to Use : Place the Yantra to the North East or clean and sacred altar. Do not let anyone touch the Yantra. Periodically wash the Yantra with rose water or milk. Then rinse with water and dry to dry. Place rounded dots of sandalwood paste on the 4 corners and in the center of the Yantra. Light a candle or ghee lamp and an incense stick in front of the Yantra. You can offer fresh or dry fruits as Prasad, as well.

Mantra:  “ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं कुबेराय नमः” I 

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Astro Sandesh

18 अगस्त 2017 आज भाद्रपद महीने के कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र, वज्र योग, बालव करण और दिन शुक्रवार है I आज अजा एकादशी व्रत और वत्स द्वादशी (पूजा) है I आज तुलसी पत्र और फल से भगवान् कृष्ण जी के चरणों की सेवा करें I ऐसा करने से इस जन्म में जो हमसे अशुभ कर्म हुए हैं और जिसके फलस्वरूप हमें कष्ट-दुर्भाग्य-परेशानियां मिलते हैं उनसे मुक्ति मिल जाएगी I भगवान् कृष्ण जी और बलराम जी के जन्मोत्सव के पावन दिवस चल रहे हैं I आज के दिन बछड़े- बछडियों के द्वारा भगवान् जी का शगुन कराया गया था अर्थात भगवान् जी को नजर दोष से बचाने के लिए उनकी (बछड़े- बछडियों) पूंछ का झाडा लगाया गया था I आज वत्स द्वादशी और शुक्रवार का शुभ मेल है तो आज आप बच्चों के हाथ से या पैसों को हाथ लगवाकर हरा चारा बछड़े-बछडियों को डालें I ऐसा करने से आपके बच्चों को नजर- टोक, आसुरी शक्तियां, चोट आदि सब बुराइयों तकलीफों से बचाव होगा और बड़ों के धन में बरकत होगी I नोट:- यदि आज पूरे दिन का उपवास या विशेष पूजा न कर सकें किन्तु एकादशी के दिन चावल न खाएं इस बात का जरुर ध्यान रखें I वैसे तो चावल महा अन्न है किन्तु सभी बुराईयां, पाप, नेगेटिविटी एकादशी वाले दिन चावल में वास करती हैं इसीलिए चावल या चावल से बनी कोई भी चीज़ बिलकुल न खाएं I ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा-विधि

आज भाद्रपद महीने के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र, वृद्धि एवं ध्रुव योग, बालव करण और दिन मंगलवार है । आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव (वैष्णव), भारत स्वतन्त्रता दिवस और सर्वार्थ सिद्ध योग है ।  आज के दिन श्रद्धा एवं भाव से कान्हाजी सहित अपने घर के मंदिर के देवताओं की फल, फूल, रोली, मौली, धूप, दीप आदि से पूजा करें ।  आज कान्हाजी का जन्मदिवस है । आज अपने घर के मंदिर की साफ-सफाई और पवित्र कर सजायें और कान्हाजी का स्वागत करें । आज व्रत रखकर शाम के समय कान्हाजी को पंचामृत से स्नान कराएं, शुद्ध एवं स्वच्छ वस्त्र पहनाएं और झूला झुलाकर भोग लगाकर पूजन करें और फिर पंचामृत और भोग आदि को परिवार के सभी सदस्यों में वितरित करें और स्वयं भी ग्रहण करें ।   ...

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जानिए आज का व्रत-पर्व एवं पूजा विधि

7 अगस्त 2017 आज श्रावण महीने के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि, श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग, विष्टि करण और दिन सोमवार है I आज श्रवण पूर्णिमा और रक्षाबंधन है I आज श्रावण पूर्णिमा  और रक्षा बन्धन है रक्षाबंधन का श्रेष्ठतम मुहूर्त शुभ मुर्हत 11:05 AM से 01:30 PM तक। आज के दिन पंचामृत (सब अलग- अलग) दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से भगवान् शिव का अभिषेक करें उसके बाद शुद्ध जल से स्नान करायें फिर 5 अलग- अलग फल अर्पित करके 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मन्त्र का जाप करें इससे श्रावण मॉस में किये गए रोज के अभिषेक, पूजा आदि का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा और भगवान् भोलेनाथ की कृपा आप पर श्रावण मास के वर्षाजल की भांति बरसेगी I आज रक्षाबंधन है, भगवान् भोलेनाथ को राखी समर्पित करें I मधुसूदन परिवार की ओर से हम ये दुआ करते हैं की आपको बताई गयी रोज की पूजा विधि से भगवान् भोलेनाथ की कृपा आने वाले अगले श्रावण मास तक आप पर बनी रहे और आपको जीवन में सुख- समृद्धि, बरकत, उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति हो I ...

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आप के आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा विधि